विष्णुगढ़। प्रतिबंधित एमसीसीआई के एक करोड़ के इनामी नक्सली सहदेव सोरेन का बुधवार को उनके पैतृक गांव भंडेरी में अंतिम संस्कार कर दिया गया। मुखाग्नि उनके बड़े बेटे मनोज सोरेन ने दी। अंतिम संस्कार गांव के मोनियां तालाब के किनारे किया गया।
शव यात्रा सहदेव सोरेन के घर से निकली, जिसमें भंडेरी के अलावा डहुआ, चलकरी कला, चैंगरिया, पुर्णाडीह, भेलवाटांड़ और बारा जैसे आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और युवक शामिल हुए। गाजे-बाजे के साथ निकली शव यात्रा के दौरान पूरे इलाके में मातम का माहौल था। अंतिम दर्शन के लिए भी बड़ी भीड़ उमड़ी और लोगों की आंखें नम थीं।
गौरतलब है कि सहदेव सोरेन उर्फ प्रवेश सोमवार तड़के गोरहर थाना क्षेत्र के पांतेतीरी गांव में अर्द्धसैनिक बल और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ढेर कर दिया गया था। इस मुठभेड़ में उनके दो साथी रधुनाथ हेम्ब्रम (उर्फ शिबू मांझी, उर्फ निर्भय दा, उर्फ बिरसेन दा, उर्फ चंचल दा) और बिरसेन गंझू (उर्फ खेलावन, उर्फ छोटा बिरसेन) भी मारे गए थे।




