झारखंड में इनदिनों का नजारा देखते ही बता है। खेतों, खलिहानों और नदी तटों पर काशी के फूलों की सफेदी ने पूरे वातावरण को मनमोहक दृश्य में बदल दिया है। ये सफेद कपास जैसे फूल हवा में लहरा रहे हैं और इनकी लंबी, फैली हुई पंक्तियाँ मानो धरती पर एक सफेद चादर बिछा रही हों।
जानकारों का कहना है कि काशी के फूलों का खिलना वर्षा ऋतु के अंत और शरद ऋतु के आगमन का संकेत है। खेतों और नदी तटों पर इन फूलों का खिलना न केवल मन को प्रसन्न करता है, बल्कि किसानों के लिए भी शुभ माना जाता है। ग्रामीण इसे प्रकृति का उपहार कहते हैं।
बरही प्रखंड के कई गांव-इलाकों में लोग काशी के फूलों से ढकी पगडंडियों पर सुबह की सैर पर जाते हैं और इस दृश्य का आनंद लेते हैं। स्थानीय बुजुर्ग कहते है कि यह नजारा बचपन की यादें ताज़ा कर देता है जब बच्चे इन फूलों के बीच खेला करते थे।
काशी के फूलों की यह प्राकृतिक सुंदरता आने वाले नवरात्रि और अन्य त्योहारों का भी संकेत देती है। जैसे ही ये फूल मुरझाने लगते हैं, खेत फसल की तैयारी शुरू कर देते हैं।