भीख मांगकर कर करता है गुजर बसर, कुपोषित है बच्चा
बरही प्रखंड के खोड़ाहार पंचायत अंतर्गत केवाल बिरहोर टोला निवासी अग्ना बिरहोर के 10 वर्षीय पुत्र गुलर बिरहोर को बेहतर इलाज की दरकार है। शुक्रवार को उन्हें बीमार अवस्था में भीख मांगते बरही में देखा गया। उसको देखने से ही साफ पता चल रहा है कि वह कुपोषित बच्चा है। उन्हें बेहतर इलाज के साथ साथ पौष्टिक भोजन की भी जरूरत है। वह बिना चप्पल का ही दुकान दुकान जाकर भीख रहा था। उस पर अपेम वेलफेयर फाउंडेशन के निदेशक मुकेश मद्धेशिया जी की नजर उन पर पड़ी। उनकी हालत देखकर उन्हें चप्पल उपलब्ध कराया साथ ही यथा संभव सहयोग किया। लेकिन उन्हें फिलहाल बेहतर इलाज की जरूरत है। मुकेश मद्धेशिया ने बताया कि आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी अब तक बिरहोरो की सामाजिक, आर्थिक तथा ज्ञान का विकास नहीं हुआ है। बिरहोर समुदाय के विकास के लिए सरकार लाख दावा करे , लेकिन असलियत कुछ और ही है। पौष्टिक भोजन नहीं मिलने से गुलर बिरहोर जैसे कई बिरहोर बच्चे का शारीरिक विकास नहीं हो पा रहा है। जिस पर सरकार के साथ साथ सभ्य समाज को भी सोचने को जरूरत है। उन्हें मुख्य धारा से जोड़कर उनके सर्वांगीण विकास के लिए पहल की जरूरत है। गौरतलब हो कि कुछ दिन पहले हो चौपारण के जमुनियातरी बिरहोर टोला में इलाज के अभाव में सरस्वती कुमारी एक बिरहोरिन की मौत हो जाने से पूरा प्रशासनिक अमला सकते में है। ऐसे में गुलूर बिरहोर के साथ लापरवाही खतरनाक हो सकता है। मुकेश मद्धेशिया ने कहा है कि बिरहोर समुदाय को संरक्षित करना, उनका सर्वांगीण विकास करना हम सबका दायित्व है। अपेम वेलफेयर फाउंडेशन इस मामले में अपना दायित्व का निर्वहन करेगा।




