
इचाक और पदमा में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच, मौके पर नष्ट कराई गई मिठाइयां
हजारीबाग। खाद्य पदार्थों में मिलावट पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार को इचाक एवं पदमा प्रखंड के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान तीन मिठाई दुकानों में मेटानिल येलो रंग की पुष्टि होने पर संबंधित खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।उपायुक्त हेमंत सती एवं अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शशि जायसवाल के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्वेता त्रिपाठी के नेतृत्व में यह जांच अभियान चलाया गया।
जांच के दौरान पदमा प्रखंड के सोनखाची मिष्ठान भंडार और मां दुर्गा खिरमोहन मिष्ठान भंडार में मेटानिल येलो रंग की पुष्टि हुई। वहीं, सरिया चट्टी स्थित मिट्टू स्वीट्स में बेसन के लड्डू में भी इस रंग के इस्तेमाल की पुष्टि होने पर संबंधित खाद्य सामग्री को नष्ट कराया गया।
टीम ने होटल ग्रीन गार्डन, मिट्टू स्वीट्स, स्वाति स्वीट्स, न्यू स्वाति स्वीट्स, प्रियंका स्वीट्स और अशोक यादव की दुकान का भी निरीक्षण किया। इस दौरान दुकानदारों को साफ-सफाई बनाए रखने, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और सुरक्षित भंडारण के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा इटखोरी रोड पर करीब चार गुपचुप ठेलों की जांच की गई। जांच के दौरान गुपचुप में मेटानिल येलो रंग के इस्तेमाल की पुष्टि नहीं हुई।
विभाग के अनुसार, जिन खाद्य प्रतिष्ठानों में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) का वैध लाइसेंस या पंजीकरण नहीं पाया गया है, उनके विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा संबंधित नियमों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि मिठाई एवं अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी गुणवत्ता और स्वच्छता पर ध्यान दें। पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर अंकित FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण संख्या की जांच करें तथा मिलावटी या अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों की जानकारी विभाग को दें।
जांच दल में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ. नावेद अंजुम, अम्ब्रीश पांडे, विकास शर्मा एवं धनेश्वर कुशवाहा शामिल थे।








